“Voice of patriotism echoed in Sindoor Shaurya Yatra, thousands of mothers gave respect and support to the army”
राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच के तत्वावधान में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर रायगढ़ में निकली ऐतिहासिक यात्रा, नारियों ने वीरता और स्वाभिमान का दिया संदेश

रायगढ़। राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच के तत्वावधान में दिनांक 25 मई 2025, रविवार को भारतीय सेना द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई साहसी और सफल ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित ‘सिंदूर शौर्य यात्रा एवं सभा’ का आयोजन भव्य रूप से किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 4:00 बजे रायगढ़ शहर के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक से हुई, जहां से यात्रा शहीद चौक तक निकाली गई। लगभग 1000 मातृ शक्तियों और आम नागरिकों की भावपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
इस यात्रा का उद्देश्य नारी स्वाभिमान, राष्ट्र सुरक्षा और भारतीय सेना के अदम्य पराक्रम को सम्मान देना था। विशेष रूप से मातृ शक्तियों ने सेना को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए यह संदेश दिया कि “हमारे सिंदूर से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा” और ऑपरेशन सिंदूर जैसे हर कदम को देश की नारियों का समर्थन प्राप्त है।
प्रमुख अतिथि और वक्ता
कार्यक्रम में कई सम्माननीय व्यक्तित्वों की उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता: श्रीमती रश्मि द्विवेदी
विशिष्ट अतिथि: श्रीमती आशा त्रिपाठी, श्रीमती रविंद्र चौबे, एवं लेफ्टिनेंट डॉक्टर शारदा घोघरे
इन सभी वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए सेना के साहस, नारी शक्ति की जागरूकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना पर प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए।
सेवानिवृत्त सैनिकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि जिले के सेवानिवृत्त सैनिकों ने भी इस आयोजन में भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने यात्रा को गौरव और सम्मान की अनुभूति से भर दिया।
सभा में उठीं एकजुटता की आवाज़
सभा के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध भारतीय सेना के कठोर एवं निर्णायक कदमों का समर्थन हर नागरिक का कर्तव्य है। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि यह हर भारतीय के स्वाभिमान की रक्षा का प्रतीक है।
राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच की अपील
मंच ने देशभर की जनता से अपील की कि वे अपने स्तर पर राष्ट्रसेना को समर्थन दें, सामाजिक जागरूकता फैलाएं और नारी सम्मान की रक्षा में भागीदार बनें।
यह आयोजन न केवल वीर सैनिकों को सम्मान देने का माध्यम बना, बल्कि नारियों की शक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण भी बना।





